Mandsaur News : मंदसौर में आवारा कुत्तों के हमले से 4 साल के आयुष बैरागी की मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश है.
शिवकांत आचार्यमंदसौर . जिले के सुवासरा क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना में आवारा कुत्तों ने 4 साल के मासूम आयुष बैरागी को बुरी तरह नोंचा और काटा, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना से इलाके में मातम छाया हुआ है तो दूसरी तरफ लोगों में गुस्सा भी है कि तमाम शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से कुत्तों ने आखिरकार एक जान ले ली. रुणीजा रोड पर हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों ने पार्षद से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. परिजन और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर पूर्व में कई चेतावनियां देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
परिजनों के अनुसार, आयुष अपनी मां के साथ पिछले छह महीनों से अपने मामा संदीप बैरागी के घर रुणीजा रोड पर रह रहा था. बुधवार सुबह करीब 10 बजे, आयुष अपने दो अन्य साथियों के साथ घर के बाहर खेल रहा था. अचानक 8 से 10 आवारा कुत्तों का एक बड़ा झुंड वहां आ गया और तीनों बच्चों पर हमला कर दिया. दो बच्चे किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन आयुष पर कुत्तों ने बेरहमी से हमला कर दिया. मासूम के चेहरे, गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव के निशान मिले, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
दर्द से चीखा बच्चा तो दौड़े लोग, लेकिन तब तक हो चुकी थी देरस्थानीय लोगों ने शोर सुनकर तुरंत कुत्तों को भगाकर बच्चे को छुड़ाया; लेकिन चंद पलों में ही कुत्तों ने बच्चे के शरीर को बुरी तरह नोंचा और काटा था. घायल आयुष को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है. बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है.
आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक की कई शिकायतें, नहीं सुन सके जिम्मेदारयह दर्दनाक हादसा नगर परिषद कार्यालय से महज 600 मीटर की दूरी पर हुआ है. कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष महेश मांदलिया ने नगर परिषद पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनके हमलों को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की. परिजनों ने भी प्रशासन की उदासीनता को ही इस दुखद घटना का जिम्मेदार ठहराया है.
नगर पालिका ने पल्ला झाड़ा, अब शुरू करेंगे अभियानघटना के बाद नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) संजय राठौर ने बयान जारी किया है. उनका कहना है कि यह घटना नगर परिषद की सीमा से बाहर किशोरपुरा पंचायत क्षेत्र में हुई है. हालांकि, उन्होंने यह भी घोषणा की है कि गुरुवार से अगले तीन दिनों तक क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने का एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. यह कदम आरोपों के बाद प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई का संकेत है, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है कि ऐसी गंभीर समस्या पर पहले कोई निवारक कदम क्यों नहीं उठाए गए. मासूम आयुष की मौत ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है और वे प्रशासन तथा नगर परिषद से जवाबदेही तय करने और आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी कोई और दुर्घटना न हो.
